क्या ईश्वर,भगवान, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा काल्पनिक है या वास्तविक ?

  क्या ईश्वर,भगवान, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा काल्पनिक है या वास्तविक ?

लेखक -चुन्नू राम बंजारे

 संसार में जितने भी प्रकार के धर्म संप्रदाय पाए जाते हैं, उस धर्म संप्रदाय के जितने भी प्रकार के गुरु पाए जाते हैं, सभी गुरुओं ने अपने अपने विचार के माध्यम से अपने समुदाय के लोगों को शिक्षा दिए हैं, उसी प्रकार अलग-अलग समुदाय के जो गुरु हैं, उसने अपने अपने समुदाय के लोगों को समझाने के लिए ईश्वर, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा के नाम से समझाने और बताने का प्रयास किए हैं,

 सभी धर्म संप्रदाय के गुरु ने यह नाम अपने समुदाय के लोगों को समझाने के लिए काल्पनिक रूप से रखा,


 सभी धर्म समुदाय के जो गुरु हैं, उन सभी को मालूम है कि वास्तविकता क्या है,

 वर्तमान समय के साथ आगे परिवर्तन होते गया, धीरे-धीरे अलग-अलग समुदाय के लोग अपने समुदाय में प्रयोग किए जाने वाले काल्पनिक नाम का भक्ति करने लगे,


 इस प्रकार से आगे अलग-अलग समुदाय के मन में ऐसे विचार बन गया, जो कि आज लोगों के मन में घर बना लिए हैं,


 मन को एकाग्र करने के लिए इस प्रकार से अलग-अलग नाम का प्रयोग किया गया था, लेकिन आज सभी समुदाय के लोग अपने अपने समुदाय में प्रयोग किए गए नाम का भक्त बन गए हैं,


 वह नाम कौन सा है ?


 वह नाम है ईश्वर, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा


 वास्तविक यह है कि यह सभी नाम गुरु ने अपने अपने समुदाय के लोगों को समझाने के लिए प्रयोग किया था, लेकिन आज उस नाम की भक्ति करने लगे हैं,


 और उस नाम की खोज करने भी लगे हैं /


 क्या अलग-अलग समुदाय के गुरुओं ने जब ध्यान लगाया, आंख बंद कर किस चीज का ध्यान करता था ?


 इसका सीधा और सरल जवाब, सभी गुरु अपने मन को एकाग्र करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाते थे, जो अपने मन को विशेष एकाग्र कर लेते थे, वह मन की अनंत शक्ति से परिचित हो जाते थे,

 और उस शक्ति से परिचित होकर अपने समाज और समुदाय में ज्ञान का मार्ग दिखाते थे /


 संसार में ऐसा कहीं भी किसी प्रकार का ईश्वर अल्लाह खुदा परमेश्वर आत्मा परमात्मा नहीं है, जिसे आप ढूढ़ने से पाओगे /

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 आप यह लाइन भी सुने होंगे ,

 मन ही ईश्वर, मन ही परमेश्वर

 हम आपको बताने का प्रयास कर रहे हैं, मेडिटेशन के माध्यम से आप अपने मन को एकाग्र कर पाते हैं, और ध्यान के माध्यम से अपनी मन की शक्ति को पहचान पाते हैं, तो आप अपनी मन की अनंत शक्ति से परिचित होकर समाज देश में विशेष योगदान दे सकते हैं /


 ध्यान रहे, संसार प्राकृतिक रूप से बना है, जिसको बनाने में किसी प्रकार की ईश्वरीय शक्ति का योगदान नहीं है,

 अगर आप प्रकृति को ईश्वर के नाम से जानने और समझने लगेंगे, तो आपका भटकना, 1 मिनट में बंद हो जाएगा /


 हम सभी समुदाय के लोगों से कहना चाहते हैं,


 कृपया सत्य से परिचित होने का प्रयास कीजिए /


 जिंदगी में जो आप सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, वह सफलता आपको अपने कर्मों के माध्यम से मिलेगी /




 जब आप मेडिटेशन के माध्यम से या किसी भी माध्यम से, अपने मन की शक्ति को पहचानेंगे, आपका मन आपको मार्ग दिखाएगा, और जब आप उस मार्ग पर चलेंगे तो आपको सफलता मिलेगी /


 आपके सभी समस्या का समाधान आपके मन के अंदर है,


 आप मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, विहार में जाते हैं तो उसका सदुपयोग कर सकते हैं, उस स्थान का प्रयोग अपने मन में एकाग्रता और पवित्रता लाने के लिए कर सकते हैं /




 लेकिन अगर आप मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, विहार में जाकर ईश्वर, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा की खोज करने लगेंगे तो आप गलत तरीका अपना रहे हैं /




 हमने पहले भी कहा कि अपने मन की शक्ति को पहचानने के लिए आपके गुरु ने जो आपके समुदाय में ईश्वर को अलग अलग नाम से जानते है /




 सबसे महत्वपूर्ण सार यह है कि आप अपने मन की शक्ति को पहचानने के लिए अपने मन के अंदर सफर करना शुरू कीजिए /




 मन के अंदर सफर कैसे हो पाएगा ?




 मेडिटेशन के माध्यम से अपने मन के अंदर सफर किया जा सकता है /




 ध्यान रहे,




 जो आपको ईश्वर,अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा का दर्शन कराना चाहते हैं, वह आपको गलत मार्ग दिखा रहा है, इससे आप कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे /

 हमारे सभी समुदाय के गुरु ने अपने मन की शक्ति को पहचानने के लिए ही ध्यान लगाया करते थे, और अपनी मन की शक्ति को पहचान कर समाज और संसार में ज्ञान का मार्ग दिखाएं है /

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