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लाईफ साइंस संस्थान व मानवता फाउंडेशन के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम योग्यताएं

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  लाईफ साइंस संस्थान एंड मानवता फाउंडेशन  प्रायोजक -साइंस वाणी   मुख्य कार्यालय चांदनी चौक बालपुर, सरसीवा, जिला बलौदाबाजार भाटापारा छत्तीसगढ़ M. 9301632135 🎤🎤🎤🎤🎤🎤🎤  लाईफ साइंस संस्थान व मानवता फाउंडेशन के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम योग्यताएं :- 1. नशा मुक्त जीवन 2. वैज्ञानिक सिद्धांत को स्वीकार करना  सामान्य सदस्य के लिए - 1. आधार कार्ड 2. पासपोर्ट फोटो 3. सदस्यता शुल्क 100+वैज्ञानिक मतो पर आधारित.. आज का ग्रन्थ का 150=250/- *विशेष प्रभारी हेतु जैसे -जिला, संभाग, राज्य के लिए -* 1. शपथ पत्र स्टाम्प पेपर पर  2. आधार कार्ड 3. पासपोर्ट फोटो 4. मार्कशीट 5. सदस्यता शुल्क 100+वैज्ञानिक मतो पर आधारित.. आज का ग्रन्थ का 150=250/- 🎤   जो लाईफ साइंस संस्थान व मानवता फाउंडेशन के सदस्य बनना चाहते है,  संपर्क करेंगे, 9301632135, 6267842335 वैज्ञानिक चुन्नू राम बंजारे लेखक, कवि  अध्यक्ष, संस्थापक लाईफ साइंस संस्थान, मानवता फाउंडेशन, साइंस फाउंडेशन  एंड साइंस वाणी प्रेस प्रधान संपादक, संस्थापक

नशा मुक्त जीवन जीनेे मे सफलता कैसे प्राप्त करेंगे ?

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                        लेखक -चुन्नू राम बंजारे   जय विज्ञान, 🙏🏼 नशा मुक्त जीवन जीनेे मे सफलता कैसे प्राप्त करेंगे ? उत्तर -नशा करना एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है, जो किसी भी प्रकार के नशा युक्त पदार्थ का सेवन करता है उसके प्रति लत लग जाता है, जिससे बार बार नशा करने का मन करता है, नशा करने वाले दिन मे एक बार नशा करता है तो कोई अनेक बार करता है, अलग अलग व्यक्ति का नशा करने का लत अलग अलग प्रकार से होता है / नशा छुड़ाने की दवा मार्केट मे कुछ लोग बेचते है, क्या इससे नशा छूट जाता है ? नहीं  सर्व प्रथम यह जानने की जरूरत है कि आप जन्म से नशा नहीं करते थे, आप जैसे जैसे वातावरण और संगत में रहे हैं, उसका प्रभाव आपको अपने जीवन में पड़ने लगा है, जिस व्यक्ति का नकारात्मकता से बचने के लिए सकारात्मकता का लेवल ज्यादा होता है, वह अन्य वातावरण में भी अर्थात अन्य संगत में भी कुछ पल के लिए जाता है तो वह नशा नहीं करता है,  यहां यह जानने की जरूरत है कि आपके मन में सकारात्मक और नकारात्मकता का स्तर कैसा है ?  अर्थात आप जीवन ...

क्या ईश्वर,भगवान, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा काल्पनिक है या वास्तविक ?

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  क्या ईश्वर,भगवान, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा काल्पनिक है या वास्तविक ? लेखक -चुन्नू राम बंजारे  संसार में जितने भी प्रकार के धर्म संप्रदाय पाए जाते हैं, उस धर्म संप्रदाय के जितने भी प्रकार के गुरु पाए जाते हैं, सभी गुरुओं ने अपने अपने विचार के माध्यम से अपने समुदाय के लोगों को शिक्षा दिए हैं, उसी प्रकार अलग-अलग समुदाय के जो गुरु हैं, उसने अपने अपने समुदाय के लोगों को समझाने के लिए ईश्वर, अल्लाह, खुदा, परमेश्वर, आत्मा, परमात्मा के नाम से समझाने और बताने का प्रयास किए हैं,  सभी धर्म संप्रदाय के गुरु ने यह नाम अपने समुदाय के लोगों को समझाने के लिए काल्पनिक रूप से रखा,  सभी धर्म समुदाय के जो गुरु हैं, उन सभी को मालूम है कि वास्तविकता क्या है,  वर्तमान समय के साथ आगे परिवर्तन होते गया, धीरे-धीरे अलग-अलग समुदाय के लोग अपने समुदाय में प्रयोग किए जाने वाले काल्पनिक नाम का भक्ति करने लगे,  इस प्रकार से आगे अलग-अलग समुदाय के मन में ऐसे विचार बन गया, जो कि आज लोगों के मन में घर बना लिए हैं,  मन को एकाग्र करने के लिए इस प्रकार से अलग-अलग नाम का प्रय...

मानवता फाउंडेशन के माध्यम से क्या कार्य होंगे ?

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 मानवता फाउंडेशन के माध्यम से क्या कार्य होंगे ?  मानवता फाउंडेशन के माध्यम से सभी जाति धर्म समुदाय के लोगों को वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक शिक्षा दिया जाएगा,  रहस्य से परिचित कराया जाएगा ताकि अंधविश्वास मुक्त जीवन जीने में सफलता प्राप्त कर सके /  इतना ही नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक शिक्षा के माध्यम से अनैतिक कार्य का अंत हो जाएगा  अर्थात लोग नैतिकता पर आधारित जीवन जीने लगेंगे  सभी प्रकार के अनैतिक कार्य मनोवैज्ञानिक शिक्षा के अभाव के कारण होता है,  मनुष्य विकसित दिमाग के कारण ही संसार के सभी जीवो में सर्वोच्च विकसित प्राणी के रूप में आता है  जो मानसिक रूप से स्वस्थ है वह किसी प्रकार का अपराध को जन्म नहीं देते हैं /  हम सभी को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होने की जरूरत है  शारीरिक रूप से अगर हम बीमार पड़ते हैं तो डॉक्टर के पास जाते हैं   लेकिन मानसिक रूप से सभी को बीमारी होती हैं,  जिस से बचने के लिए हम सभी को मोटिवेशनल किताब मनोवैज्ञानिक शिक्षा, ट्रेनिंग कार्यक्रम मे शामिल होते रहना चाहिए,  सभी प्रकार का मनोवैज्ञानिक औ...

मानवता फाउंडेशन मे आपका योगदान महत्वपूर्ण

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 मानवता फाउंडेशन